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गिरफ़्तारी के बाद भी विकास दुबे की आँखों में नहीं था कोई डर, चिल्ला कर बता रहा था सबको अपनी पहचान।

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गिरफ़्तारी के बाद भी विकास दुबे की आँखों में नहीं था कोई डर, चिल्ला कर बता रहा था सबको अपनी पहचान: कानपुर गोलीकांड का मुख्य आरोपी विकास दुबे पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका हैं। विकास दुबे जब फरीदाबाद से फरार हुआ था। तब वह एक निजी बस में सफर करके उज्जैन के महाकाल मंदिर में पहुँचा था। जहाँ पर उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया था।

सूत्रो के अनुसार जब विकास दुबे की गिरफ़्तारी हुई थी। तब उसको न किसी चीज़ का भय था। और ना ही उसकी आंखो में कोई पछतावा। बल्कि उज्जैन पुलिस के पकड़े जाने के बाद भी विकास दुबे चिल्ला चिल्ला कर सबको बता रहा था कि “मै हूँ विकास दुबे, कानपुर वाला”। उसका मुह कुछ समय के लिए भी बंद नहीं हो रहा था। जिसके बाद एक पुलिसकर्मी ने उसको एक थप्पड़ मारा जिसके बाद विकास दुबे शांत हो गया।

उज्जैन में इस तरह पकड़ा गया विकास दुबे

जब विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर में पहुँचा तो सबसे पहले उसने फूल वाले से फूल और मंदिर में दर्शन करने की प्रक्रिया पूछी। तब फूल वाले ने उसे बाते कि महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए आपको एक पर्ची कटवानी पड़ेगी। फूल वाले ने जब विकास दुबे को देखा तो उसे उस पर शक हो गया था।

विकास दुबे फूल वाले से बात करके महाकाल मंदिर  में दर्शन के लिए चला गया। जिसके बाद पीछे से फूल वाले ने महाकाल मंदिर के सेक्युर्टी गार्ड को विकास दुबे के बारे में जानकारी दी। जानकारी पाने के बाद गार्ड ने महाकाल पुलिस स्टेशन पर फोन किया। जिसके बाद भारी पुलिस बल ने आकर विकास दुबे को पकड़ लिया।

बताया जा रहा हैं कि जिस समय विकास दुबे महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचा था। ठीक उसी समय लखनऊ के दो वरिष्ठ वकील भी महाकाल मंदिर में दर्शन कर रहे थे। हालाँकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पायी हैं कि वह वकील विकास दुबे को जानते हैं या नहीं? पर पुलिस ने वकील से भी पूछताछ शुरू कर दी हैं।

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